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एक क्रूर व्यवस्था ,और सब चुप है

Posted On: 23 Dec, 2012 में

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फिर से वही बलात्कार,बलात्कार,बलात्कार
The incident took place Sunday night, when the victim and her boyfriend boarded the bus from Munirka to go to Dwarka.

Police said that around five to seven bus crew started misbehaving with the girl a few minutes after she boarded the bus, which was traveling without other passengers.

The victim’s boyfriend tried to prevent the men from molesting her, but the men beat him up and sexually assaulted the girl.

The accused then threw the girl and her boyfriend out of the bus near Mahipalpur in south Delhi’s Vasant Vihar area.

Both victims were rushed to Safdarjung Hospital by a PCR van. Doctors said the condition of the girl is critical.
black kutta
देश की राजधानी में एक बार फिर वहशीपन की सभी हदें पार कर दी गईं। करीब पांच दरिंदों ने चलती बस में पैरा मेडिकल छात्रा के साथ गैंगरेप किया। युवती और उसके मित्र युवक को लोहे की रॉडों से बेरहमी से पीटा भी गया। रविवार रात दिल्ली की सड़कों पर दौड़ती बस में दो घंटे तक यह दरिंदगी होती रही। नशे में धुत ये लोग बाद में युवती और युवक को चलती बस से ही सड़क पर फेंक कर फरार हो गए। युवती इस समय सफदरजंग अस्पताल में मौत से जूझ रही है।सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने सोमवार देर रात बस के ड्राइवर राम सिंह और दो अन्य आरोपियों कल्लू और विनय को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि पुलिस ने अभी रामसिंह की गिरफ्तारी की ही पुष्टि की है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल लग्जरी बस भी नोएडा से जब्त कर ली है। बस में बाल, कपड़े आदि बरामद किए गए हैं।

छत्रसाल स्टेडियम में फॉरेंसिक विभाग की टीम इस बस की गहन जांच कर रही है। गिरफ्तार राम सिंह आरके पुरम इलाके में रहता है। सूत्रों ने बताया कि राम सिंह दुष्कर्म करने वालों में शामिल है। वारदात के समय राम सिंह का भाई मुकेश बस चला रहा था। फिलहाल मुकेश और इसके दो अन्य साथी फरार हैं। पुलिस की कई टीम उनकी तलाश कर रही हैं।
क्या है ये वहशीपन ,एक आदमी की मानसिक इस्तिथि ऐसी क्यों हो जाती है कि वो अच्छे बुरे का ख्याल इस कदर छोड़ देता है कि कोई भी गुनाह करने से नहीं रुकता .कितनी अमानवीयता है कि मनुष्य एक दुसरे मनुष्य के साथ जानवरों जैसा व्यवहार करता है ,और कुछ छड़ो के पश्चाता अपने गुनाहों कि माफ़ी भी चाहता है .तो क्या ऐसे गुनाह माफ़ किये जाने चाहिए …………….सवाल यहाँ कई है पर लगता है किसी को किसी कि पड़ी नहीं है हम ऐसे समाज में जेई रहे है जहा सुनामी ,कालचक्र ,आंधी ,भूकंप से भी ज्यादा डरावनी और भयावह चीज़े हमारे साथ ही घूम फिर रही है .और वो है मानसिकता .कब कौन किसे जिंदगी के रस्ते से हटाने का मन बना ले ऐसे कुकर्म पर उतर आएगा .कह नहीं सकते.
क्या ऐसे डरावने समाज में कुछ कानून कुछ नियम नहीं बनने चाहिए जिससे एक माँ ,एक बेटी,एक लड़की अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सके .कुछ ऐसा कि गुनाह करने से पहले हरेक दस बार सोच सके .कि ऐसा करना कितना घातक हो सकता है .

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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
December 24, 2012

सुषमा जी, सस्नेह !…. आप ने बिलकुल ठीक कहा …… इन दुर्दांत वहशी चांडालों को ऐसी सजा मुक़र्रर होनी चाहिए जिसे देख-सुनकर रूह काँप उठे ! पुनश्च !!

    sushma के द्वारा
    December 31, 2012

    .धन्यवाद गुंजन जी.अब वो समय आ गया है जब हमें समझाना ही होगा

December 24, 2012

सुषमा जी , कोई भी बात कानून से हल नहीं होती बल्कि मानसिक परिवर्तन से होती है , और यह शिक्षा से संभव है , विचार अच्छे हैं , धन्यवाद

    sushma के द्वारा
    December 31, 2012

    धन्यवाद सुधीर जी.मैं मानती हु की कोई भी बात कानून से हल नहीं होती पर कानून वो डर है जो जानबूझ कर करने वाली गलती पर लगाम लगाता है.


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